ग्लोबल फाइनेंस में करियर बनाना है? Zell Education के साथ CFA, FRM, ACCA & CMA करें

नई दिल्ली, अप्रैल 03 : अगर आप फाइनेंस में करियर बनाने की सोच रहे हैं तो दो नाम आपने ज़रूर सुने होंगे: ACCA और US CMA दोनों पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं, और दोनों ही क्वालिफिकेशन बड़ी कंपनियों में नौकरी पाने में मदद करती हैं और दोनों के लिए मेहनत भी खूब करनी पड़ती है। लेकिन सच यह है कि दोनों अलगअलग करियर के लिए बने हैं। तो दोनों ही क्वालिफिकेशन के बारे में कुछ खास चीज़ें समझना आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

) ACCA और US CMA में कौन सा ज़्यादा मुश्किल है?

वैसे तो दोनों ही कठिन हैं लेकिन दोनों बिल्कुल अलगअलग चीज़ें परखते हैं। तो पहले ACCA से शुरू करते हैं।

ACCA उन लोगों के लिए बना है जो अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। इसमें कुल १३ पेपर होते हैं और यह दुनिया की सबसे बेहतरीन अकाउंटिंग क्वालिफिकेशन में से एक मानी जाती है।

ACCA की K- लेवल पर पास रेट ७०८०% तक रहती है। Applied S- लेवल पर यह ४५५५% के बीच आती है। और P – लेवल पर, जैसे APM और AAA जैसे सबसे कठिन पेपर्स में, पास रेट ४०% तक गिर जाती है।

और अगर US CMA की बात करें तो US CMA का तरीका बिल्कुल अलग है। यह उन लोगों के लिए है जो कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A, बजटिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक डिसीज़नमेकिंग में काम करना चाहते हैं। इसमें सिर्फ पार्ट हैं लेकिन IMA के आंकड़ों के अनुसार US CMA का औसत पास रेट लगभग ४५% प्रति पार्ट है।

तो कुल मिलाकर ACCA ज़्यादा विषयों को व्यापक रूप से कवर करता है इसीलिए यह समय भी ज़्यादा लेता है। US CMA कम विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है लेकिन हर चीज़ को बिजनेस स्ट्रैटेजी के नज़रिए से बहुत गहराई से समझाता है।

) ACCA और US CMA के लिए एलिजिबिलिटी क्या है?

यह जानना बेहद ज़रूरी है कि इन दोनों क्वालिफिकेशन को शुरू करने के लिए आपको क्या चाहिए।

ACCA की बात करें तो इसमें एंट्री के लिए आपको १२वीं में कम से कम ६०% अंक होने चाहिए, तभी आप सीधे ACCA में दाखिला ले सकते हैं। और यह ध्यान रखें कि १२वीं के बाद ACCA में कोई छूट नहीं मिलती, सभी पेपर देने होंगे। लेकिन अगर आपके १२वीं में ६०% से कम अंक हैं या आप १०वीं के बाद ही फाइनेंस की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं तो भी रास्ता बंद नहीं है। इसके लिए FIA यानी Foundation in Accountancy का रास्ता है। FIA आपको ACCA की तैयारी के लिए ज़रूरी बुनियाद देता है और इसे पूरा करने के बाद आप ACCA में आसानी से दाखिल हो सकते हैं।

US CMA की बात करें तो यह एक अहम बात है जो बहुत कम लोग जानते हैं। US CMA में IMA आपको १२वीं के बाद ही रजिस्टर करने और परीक्षा देने की अनुमति देता है। यानी आप ग्रेजुएशन के दौरान ही दोनों पार्ट की तैयारी करके परीक्षा दे सकते हैं। लेकिन पूरा CMA सर्टिफिकेट पाने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होती हैं: दोनों पार्ट पास करने होंगे, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर्स डिग्री पूरी करनी होगी, और मैनेजमेंट अकाउंटिंग या फाइनेंशियल मैनेजमेंट में साल का काम का अनुभव भी होना चाहिए। और एक राहत की बात यह है कि परीक्षा पास करने के बाद आपके पास साल का वक्त होता है कि आप डिग्री और अनुभव की ये शर्तें पूरी करें। डिग्री किसी भी विषय में हो सकती है, चाहे कॉमर्स हो, इंजीनियरिंग हो या कोई और।

सीधे शब्दों में कहें तो ACCA की तरह US CMA भी आप १२वीं के बाद शुरू कर सकते हैं। पर US CMA का सर्टिफिकेट पाने के लिए बैचलर्स डिग्री और काम का अनुभव दोनों पूरे करने होंगे।

) ACCA या US CMA: ज़्यादा कमाई किसमें है?

यह सवाल इतना आसान नहीं है क्योंकि दोनों अलगअलग तरह की नौकरियों की तरफ ले जाते हैं।

ACCA करने वाले ज़्यादातर ऑडिट करने वाली कंपनियां, अकाउंटिंग डिपार्टमेंट, टैक्स कंसल्टिंग, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कॉरपोरेट फाइनेंस में काम करते हैं। US CMA करने वाले ज़्यादातर कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A टीम्स, बजटिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट, इंटरनल ऑडिट और स्ट्रैटेजिक फाइनेंस में जाते हैं।

भारत में अभी ACCA की सैलरी शुरुआत में सालाना से १० लाख मिलती है, कुछ साल बाद उन्हें सालाना१० से २५ लाख और सीनियर लेवल पर सालाना२५ लाख से ऊपर मिल सकती है। और US CMA में शुरुआत में सालाना से लाख मिलती है, मिडकरियर में से १५ लाख और सीनियर लेवल पर१५ लाख से ऊपर मिल सकती है।

और एक बड़ी बात यह है कि IMA के ग्लोबल सैलरी सर्वे 2024 के अनुसार US CMA होल्डर्स अपने नॉनसर्टिफाइड साथियों से औसतन ५८% ज़्यादा कमाते हैं। दोनों क्वालिफिकेशन को दुनिया के १०० से ज़्यादा देशों में मान्यता है, यानी विदेश में भी काम करने का मौका मिल सकता है।

) Big 4 कंपनियां किसे नौकरी देती हैं?

Deloitte, PwC, EY और KPMG ACCA और US CMA दोनों को अलगअलग टीम्स के लिए चुनती हैं।

ACCA वाले खासतौर पर ऑडिट और एश्योरेंस टीम्स, टैक्स कंसल्टिंग और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग से जुड़े रोल्स में काम करते हैं। इसीलिए Big 4 कंपनियों में ACCA मेंबर्स को दुनिया में सबसे ज़्यादा नौकरी मिलती है। US CMA वालों की ज़रूरत ज़्यादातर फाइनेंशियल कंसल्टिंग, कॉस्ट मैनेजमेंट, बिजनेस एडवाइजरी और इंटरनल ऑडिट टीम्स में होती है।

भारत में एक ज़रूरी बात यह है कि स्टेच्युटरी ऑडिट पर हस्ताक्षर करने का अधिकार सिर्फ ICAI के पास है। इसका मतलब यह है कि ACCA वाले भारत में अपने दम पर स्टेच्युटरी ऑडिट रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। यह करने के लिए CA की डिग्री ज़रूरी है। लेकिन ACCA Big 4 कंपनियों में इंटरनल ऑडिट, अकाउंटिंग एडवाइजरी और दूसरे सपोर्ट रोल्स में काम कर सकते हैं।

) ACCA के बाद US CMA करना चाहिए?

बहुत सारे फाइनेंस प्रोफेशनल्स दोनों करते हैं और इसके पीछे एक ठोस वजह है।

ACCA आपको अकाउंटिंग, टैक्सेशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की मज़बूत नींव देता है। यह सिखाता है कि कोई भी बिजनेस अपना पैसा कैसे रिकॉर्ड करता है, कैसे मैनेज करता है और कैसे दुनिया के सामने रखता है।

और US CMA उस नींव के ऊपर एक बिल्कुल नई दुनिया बनाता है। यह आपको सिखाता है कि उस फाइनेंशियल डेटा का इस्तेमाल करके बिजनेस के लिए बड़े स्ट्रैटेजिक फैसले कैसे लिए जाते हैं। यह वो नज़रिया है जो ACCA में नहीं मिलता।

एंप्लॉयर्स की नज़र में ACCA और US CMA की यह कॉम्बिनेशन बहुत ही मूल्यवान होती जा रही है। यह कॉम्बिनेशन दिखाता है कि आप फाइनेंस के दोनों पहलू समझते हैं, अकाउंटिंग और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट दोनों। यह कॉम्बिनेशन खासतौर पर उनके लिए फायदेमंद है जो कॉरपोरेट फाइनेंस, FP&A लीडरशिप, बिजनेस कंट्रोलर या CFO जैसी पोजीशन में जाना चाहते हैं।

) कौन सा ज़्यादा वक्त लेता है?

ACCA में १३ परीक्षा यानी पेपर देने होते हैं और आमतौर पर . से . साल लग जाते हैं। पूरी मेंबरशिप मिलने के लिए परीक्षा के साथसाथ ३६ महीने का काम का असली अनुभव भी ज़रूरी है।

US CMA में सिर्फ पार्ट होते हैं और ज़्यादातर उम्मीदवार इसे से १२ महीनों में पूरा कर लेते हैं। US CMA का पूरा सर्टिफिकेट मिलने के लिए मैनेजमेंट अकाउंटिंग या फाइनेंशियल मैनेजमेंट में साल का काम का अनुभव होना ज़रूरी है, जो परीक्षा देने से पहले, दौरान या बाद में पूरा किया जा सकता है।

यहाँ एक बड़ा फर्क यह है कि US CMA की परीक्षाएं ACCA की तुलना में बहुत तेज़ी से पूरी की जा सकती हैं। जो लोग करियर में जल्दी आगे बढ़ना चाहते हैं उनके लिए US CMA की यह छोटी समयसीमा एक बड़ा फायदा है। दोनों के लिए सिर्फ परीक्षा पास करना काफी नहीं है, असली काम का अनुभव भी उतना ही ज़रूरी है।

आखिरी बात

ACCA और US CMA दोनों बेहतरीन क्वालिफिकेशन हैं लेकिन दोनों अलगअलग करियर के लिए हैं।

अगर आप अकाउंटिंग, ऑडिट, टैक्स या फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में आगे बढ़ना चाहते हैं तो ACCA आपके लिए सबसे सही रास्ता है। अगर आपका दिल FP&A, कॉरपोरेट फाइनेंस, बजटिंग या स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट में लगता है तो US CMA आपकी मंज़िल है।

अगर आप फाइनेंस में करियर के बारे में सोच रहे हैं तो Zell Education में हम आपको पूरा करियर बनाने में मदद करते हैं। हम US CMA और ACCA के साथसाथ CFA, CPA और FRM की भी तैयारी करवाते हैं, यानी फाइनेंस का कोई भी रास्ता हो, Zell आपके साथ है।

और यह वक्त बिल्कुल सही है। अगर आप ३० जून २०२६ तक US CMA के लिए रजिस्टर करते हैं तो आपको एग्जाम फीस में १५% की छूट मिलती है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है तो देर करें।

और अगर आप CFA की तैयारी Zell के साथ करते हैं तो आपको सिर्फ CFA की पढ़ाई नहीं मिलती। लेवल की पढ़ाई के दौरान आप अलगअलग सर्टिफिकेशन भी हासिल कर सकते हैं जो आपकी हायरिंग प्रोफाइल को बाकी लोगों से एकदम अलग और मज़बूत बनाती हैं।

उम्मीद करते हैं यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित हुई है। धन्यवाद।